मुजफ्फरपुर: यहाँ सियासत नहीं भाईचारा चलता है- घाट की सफाई में जुटे मुस्लिम

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दरअसल राजनेता और सभी सरकारे भाईचारे की सिर्फ बात ही करती रहती है और धर्म के नाम पर सिर्फ एक दुसरे को बांटने का काम करते है. लेकिन असल में भाईचारा देखना हो तो आप बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के छठ घाटों पर खुद जाके देख लीजिये. सही भाईचारे की मिसाल आपको देखने मिलेगी. मुजफ्फरपुर जिले के पताही स्थित दुर्गा स्थान के छठ घाट पर सिर पर टोपी लगाये मुस्लिम युवाओं की टोली घाटों की साफ़-सफाई में जुट गई है.

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हाथों में फावड़ा और टोकरी लिए निःसंदेह वे स्वच्छता मिशन को बढ़ावा भी दे रहे है. वह मनोयोग से छठी मइया की सेवा में लगे हुए हैं. उन्होंने पूरे घाट की और अर्ध्य वाले स्थान को भी पूरी तरह से साफ किया. उनकी इस निष्ठा को देखकर स्थानीय लोग भी उनकी काफ़ी सराहना कर रहे हैं. पौराणिक मान्यता है कि महाभारत में कुंती ने भी सूर्य की अराधना के लिए छठ व्रत किया था. साथ ही सावित्री ने भी सत्यवान के लिए छठ किया था. भगवान श्री भास्कर की अर्चना वाले इस पर्व में सामाजिक समरसता की धारा बहती देख मन प्रसंनता से खिल उठता है.

 

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