बालू-गिट्टी माफ़ियाओ पर नितीश सरकार की बाज़ नज़र, नये नियम बनाए

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पटना: खान और भूतत्व विभाग के अधिकारिक माध्यमो से जानकारी प्राप्त हुई है की राज्य में अक्टूबर से बालू का खनन शुरू हुआ है तब से लेकर आज तक विभाग को कई अनियमितताओं की लगातार फ़रियाद मिल रही है। जिसमे ज़्यादातर शिकायते लोगो को महंगे दाम में बालू मिलने की है। हालांकि राज्य में काफ़ी मात्रा में बालू उपलब्ध है।

लोगों की शिकायतों को सुनने के बाद, हर पहलू पर समीक्षा करके सरकार से स्वीकृति लेके बालू- गिट्टी का अवैध खनन, परिवहन और भंडारण रोकने और उसकी बिक्री एवं खरीदी के लिए नए कायदे-कानून की नियमावली तैयार की गई है। एवं नए नियम लागू होने से आम उपभोक्ताओं को इसका ज्यादा फायदा मिलेगा। उपरांत सरकारी राजस्व में भी इजाफ़ा होगा।

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नियमावली फोर्मेट:

अब तक पुरानी (2013 की खनन नीति) नियमावली के अनुरूप ही लघु खनिजो का खनन, परिवहन और भंडारण जारी था। क्यूकी खान एवं भूतत्व विभाग ने वर्ष 2017 में नया नियमावली फोर्मेट बनाया था और राज्य सरकार ने वही लागू किया था. लेकिन इसके खिलाफ़ बालू घाटों के बंदोबस्तधारियों और परिवहनकर्ताओं ने इस नये फोर्मेट पर विरोध दर्शाया था। और पटना हाईकोर्ट में केस दर्ज किया था। बाद में कोर्ट ने उस नियमावली फोर्मेट पर रोक लगा दी थी।

नई नियमावली के प्रारूप में छोटे खनिजो के खनन, परिवहन व भंडारण से जुड़े तमाम पहलुओ का ध्यानपूर्वक समावेश किया गया है। जिसमे मुख्य रूप से खनन पट्टा लेने संबंधी नये कानून, अधिकारियों की शक्तियां और जिम्मेदारी, चोक्कस समय मर्यादा, पर्यावरण की सुरक्षा का खयाल रखना, अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को रोकना और उसके लिए सही जुर्माना लगाना एवं कानूनी तापस सहित अन्य कई नियमो का समावेश किया गया है।

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